मै कैसे भुलू...!


ना करो वन्दना उनकी, जिनको तुम जानते नही हो....
ना डरो तुम उनसे, जिनको तुम पहचानते नही हो...!!
क्यु उलझे हुए हो तुम, पाखंडियो के बनाये हुए भ्रम जाल मेँ...
जरा बाहर निकल कर तो देखो, बहुत सुखी रहोगे तुम संसार मेँ....!!
ना राम ने कुछ दिया है, ना कृष्ण ने कुछ दिया है...
हमको जो कुछ भी दिया है, बाबा तेरे संविधान
 ने दिया है...!!
पूजते हो क्यु उनको, जिन्होने तुम्हारा शोषण किया है...
पुजते क्यु नही बाबा साहब को; जिन्होने तुमको जीने का अधिकार दिया है...!!
पुजना है तो बेशक पूजो, लेकिन उनको जिन्होने तुम्हारे लिए संघर्ष किया है...
जिन्होने तुम्हारे लिए अपने जीवन का हर सुख और परिवार को भी न्यौछावर किया है....!!
"मैँ कैसे भूलूं उनके ऐहसानो को जिन्होने मुझे जीने का अधिकार दिया है"

जय भीम
जय संविधान

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